जब महिलावादियों को महिला ने पीटा

यह घटना लखनऊ के अखबरों में 13.01.2016 को छपी । यूं तो बहु के द्वारा बूढ़े सास – ससुर को  घर से निकालना और उनके मकान (समपत्ति) पर कब्जा कर लेना आम बात है । और ऐसा करने पर बहुओं को पूरा कानूनी संरक्षण प्राप्त है ।

पर घनघोर महिलावादी संगठन इस सार्वजनिक सत्य को सदैव नकारते रहते हैं । इस खबर की खास बात यह है कि ’जनवादी महिला समिति’ भी ऐसी ही प्रतिक्रिया देता रहा है । पर आज भी  यह लोग सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं होंगे कि बहुएं ही नही सास-ससुर और यहां तक की स्वयं पति भी बहुओं के हाथों प्रताड़ित होते हैं ।

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