कार्यक्षेत्र में पुरुषों पर यौन अत्याचार / Sexual Harassment of men at Workplace

अगर यह जिलाधिकारी न होते हो क्या सफाई देने का मौक़ा मिलता ?

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हिंदुस्तान – लखनऊ । दिनांक 05.04.2015 ।
महिला कानूनों दुरूपयोग का यह आलम है कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है । सभी आम और ख़ास, पुरुष निशाने पर हैं । इस खबर में अगर आरोपी पुरुष जिलाधिकारी नहीं होता तो भी क्या उसे अपनी सफ़ाई देने का मौका मिलता ? जो रवायत इस देश में चल रही है उसमे तो बिना सच्चाई जाने सिर्फ आरोप मात्र लग जाने से ही पुरुषों को दोषी मान लेने का चलन है ।  नौकरी से निलम्बन, पुलिस – कचहरी के चक्कर और समाजिक तिरस्कार सब एक साथ मिलता है ।

आज कार्यालय में भी महिला कानूनों का दुरूपयोग खुलेआम हो रहा है । आफिस की हर छोटी – बड़ी बात कब ‘महिला उत्पीड़न’ और ‘कार्य स्थल पर यौनिक अत्याचार’ के मुकदमें में बदलकर लौटेगी,  इसी भय में भारत के हर कार्यालय में लोग भयाक्रांत हैं । उससे भी बड़ी समस्या यह है की जब यह मुकदमें झूठे साबित होते हैं तो फर्जी शिकायत करने वाली शातिर महिला पर कोई कार्यवाही नहीं होती । कानून में फर्जी शिकायत करने वालों पर दण्ड का प्राविधान नहीं होने की कमी के कारण महिलाओं में फर्जी मुकदमें दर्ज कराने की प्रवृत्ति की बाढ़ आ चुकी है । समाज में यह कुरीति एक विकराल रूप ले चुकी है ।

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31 वर्ष की महिला ने 14 वर्ष के छात्र को शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिये धमकाया

समाज बदल रहा है और समाजिक सच्चाईयाँ भी । साहित्य को समाज का दर्पण माना जाता है और फिल्में भी साहित्य होती हैं । “बी.ए. पास’ फिल्म में जो दिखाया गया वह समाज में व्याप्त है ।  समस्या यह है कि कानून अभी भी अंग्रेजों के जमाने का है । जिसमें महिलाओं को अभी सजा के लिये पात्र नहीं माना जाता है । जब बराबर के काम के लिये बराबर की पगार के लिये आन्दोलन हुआ था तो बराबर के अपराध के लिये बराबर की सजा के लिये क्यों नहीं ?

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http://timesofindia.indiatimes.com/city/ludhiana/Woman-booked-for-sexually-exploiting-minor-boy-in-Ludhiana/articleshow/44878264.cms

LUDHIANA: A 31-year-old woman was booked here on Sunday for allegedly sexually exploiting and blackmailing a minor boy, who used to take tuitions from her, police said. The victim is a class eight student and his family lives as a tenant in a house owned by the father of the accused, they said.

The woman allegedly forced the 14-year-old boy into having physical relationship with her, they said. The woman threatened to kill the boy if he did not meet her demand. She also made a video and started blackmailing the boy, SHO Dharm Pal said, adding, this continued for several months.

Later, the victim told about the entire case to his father, who then approached the police. A case under various sections of the Protection of Children from Sexual Offences Act 2012 (POCSO) has been registered against the woman today, police said, adding, the accused was absconding. The police have taken possession of the objectionable video and further investigation in the case is on.

Female medical student files fake rape case on former boyfriend

NAV BHARAT TIMES, Lucknow. Date: 15.08.2014

NAV BHARAT TIMES, Lucknow. Date: 15.08.2014

प्यार में दिल टूटा तो पूर्व प्रेमी पर लगा दिया बलात्कार का आरोप ! भई वाह ! यही है असली इण्डिया ? जांच हुई लड़का बरी हुआ । पर उसकी अस्मिता और सुरक्षा का कोई मोल नहीं । फर्जी  आरोप लगाने वाली लड़की को कोई सजा क्यों नहीं ? झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाली महिलाओं की पहचान एक महिला की तरह छुपाने का क्या मतलब ? उन्हे भी एक अपराधी के समान समाज के सामने क्यों नहीं पेश किया जाता ?