फर्जी बलात्कार के मुकदमें / Fake Rapes

राजस्थान महिला आयोग ने फ़र्जी केस के लिये दरवाजे बन्द किये

एक सरहानीय पहल ! राजस्थान महिला आयोग ने सार्वजनिक रूप से माना की महिलाओं के द्वारा फ़र्जी मुकदमें लिखाये जाते हैं । साथ ही एक जिम्मेदार संस्था के रूप में फ़र्जी केस करने वालीयों के लिये महिला आयोग के दरवाजे बन्द किये । (खबर – राजस्थान पत्रिका, 21 फ़रवरी 2016 के हवाले से)

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बात निकली है तो दूर तलक जायेगी

महिला उत्पीड़न के आधे से अधिक मुकदमें फ़र्जी होते हैं । यह बात जिम्मेदार पुलिस अधिकारी दिल-ही-दिल में अपने अनुभवों से जानते थे पर अब वाकई पानी सिर से ऊपर निकल गया तो सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी कर लिया । हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या ? जो सच है वो बाहर आकर ही रहेगा । चाहे सच को सात तालों में छुपा कर रखो, वो बाहर आ ही जाता है । पर उससे भी बड़ा दु:ख यह है कि फ़र्जी मुकदमें लिखवाने वाली ’पीड़िताओं’ को कोई सजा न मिलने के कारण ऐसे मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं ।

नई दुनिया, जयपुर में 12 फ़रवरी 2016 को छपी यह खबर देखिये ।

http://naidunia.jagran.com/state/rajasthan-husband-and-daughter-commits-suicide-after-wife-death-663952

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बिहार में ‘मृत’ महिला दिल्ली में प्रेमी संग जीवित मिली

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हिन्दुस्तान टाइम्स दिल्ली में दिनांक 27-12-2014 को प्रकाशित यह समाचार यह बता रहा की महिल सशक्तिकरण अब किसी निर्दोष को जेल भेजने और सामाजिक रूप से तिरस्कृत करवाने से भी बाज नहीं आ रहा है ।   इसके पूर्व भी उत्तर प्रदेश के उरई में दो बहनों की ‘हत्या’ की खबर से उपजी हिंसा में आधा शहर जला दिया गया । प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी निलम्बित हुए । लड़कियों  के पिटा ने दोनों के शवों की पहचान भी कर ली ।  बाद में दोनों बहनें दिल्ली से जीवित मिली ।
एक वाकया जौनपुर का भी है जिसमें एक लड़की की हत्या के आरोप में बाप – बेटा बाकायदा सजा पा गए  । बाद में वो लड़की मुम्बई में अपने प्रेमी के साथ मिली ।।
क्योंकि कानूनन महिलाओं को ऐसे मामलो में सजा का प्राविधान नहीं है इसलिए भारत में महिलाओ के द्वारा फर्जी मुकदमें दर्ज करा कर कानून का दुरूपयोग  और धन  उगाही की  जा रही   है  ।

कोई इंडिया गेट पर मोमबत्ती जलाने चलेगा क्या ?

अब भी सबूत चाहिये महिला कानूनों के दुरूपयोग का ?

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यह कौन सा कानून है जिसमे घर परिवार को बर्बाद करने का काम किया जाता है | क्या माँ – बाप को अपने साथ रखना कानूनन जुर्म है ? जिसके लिए फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की घमकियाँ मिलती रहे ? क्या यही है असली महिला सशक्तिकरण  ? हर छोटी बडी बात पर  दहेज और घरेलु हिंसा में फंसाने की धमकी ।  और जाने लाखों गुमनाम लोग रोज तिल – तिल कर मर रहे हैं । जिसके ऊपर से यह तुर्रा की मर्द को दर्द  नही होता । महिला कानूनों के दुरुपयोग के रथ पर सवार हो रहे इस छ्द्म सशक्तिकरण का जो भी अंत होगा वो तो समय बतायेगा पर दु:ख यह है कि न जाने कितने ही पुरुष रोज अपने प्राण त्याग रहे हैं और उनके परिवार एक अनजाने भय के साये में रोज मर रहे हैं ।

महिला आयोग ने अपनी रिपोर्ट में माना की बलात्कार की आधी घटनाएं फर्जी !

अब भी सबूत चाहिये की महिलाएं फर्जी मुकदमें दर्ज कराती हैं ? ऐसी महिलाओं को सजा क्यों नहीं ?

अब भी सबूत चाहिये की महिलाएं फर्जी मुकदमें दर्ज कराती हैं ? ऐसी महिलाओं को सजा क्यों नहीं ?

Female medical student files fake rape case on former boyfriend

NAV BHARAT TIMES, Lucknow. Date: 15.08.2014

NAV BHARAT TIMES, Lucknow. Date: 15.08.2014

प्यार में दिल टूटा तो पूर्व प्रेमी पर लगा दिया बलात्कार का आरोप ! भई वाह ! यही है असली इण्डिया ? जांच हुई लड़का बरी हुआ । पर उसकी अस्मिता और सुरक्षा का कोई मोल नहीं । फर्जी  आरोप लगाने वाली लड़की को कोई सजा क्यों नहीं ? झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाली महिलाओं की पहचान एक महिला की तरह छुपाने का क्या मतलब ? उन्हे भी एक अपराधी के समान समाज के सामने क्यों नहीं पेश किया जाता ?