बलात्कार / Rape

बलात्कार कानून बना अवैध धन उगाही का धन्दा !

HH Lko 12 Mar 2016

भारत देश में बलात्कार कानून अवैध धन उगाही का धन्दा बन गया है । लखनऊ के हिन्दुस्तान अखबार में 12.03.2016 को प्रकाशित यह खबर पढि़ये । महिला चाहे जितनी बार भी फ़र्जी मुकदमा लिखाये, चाहे जितने निर्दोष लोगों को फ़साये और अवैध  धन उगाही करे । पूरी कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था इस वसूली के धन्दे में उसके साथ खड़ी नजर आती है । ऐसी महिलाओं को सजा देने की मांग पर बड़े – बड़े भाग खड़े होते हैं । इसी कारण महिला कानूनों का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है और देश गर्त में जा रहा है ।

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बलात्कार के फर्जी मुकदमें में फसानें की धमकी देकर अवैध वसूली

टाइम्स आफ इण्डिया. जयपुर. 14.09.2014

टाइम्स आफ इण्डिया. जयपुर. 21.09.2014

भारत में बाकायदा बलात्कार के फर्जी मुकदमें दर्ज कराने का व्यापार चल रहा है । दिल्ली पुलिस हो, या उत्तर प्रदेश पुलिस या जयपुर पुलिस सभी जगह यह माना गया है कि हाल के वर्षों में बलात्कार की फर्जी रिर्पोट दर्ज कराने के मामलों में अशातीत इजाफा हुआ है । ऐसे में निर्दोष पुरुषों को फंसाने में जो लोग शामिल हैं उनका पुरसाहाल लेने में की न तो सरकारों को कोई फिक्र है और न ही अदालतों को । बिना सबूत, गवाह और जांच के ही पुरूष को सिर्फ धोखेबाज महिला की गवाही पर ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है । धन के साथ ही उसकी समाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन की भी हानि होती है । दस – बीस साल के अदालती भूलभुलैया के बाद यदि वह निर्दोष पुरुष मुकदमा जीत भी जाये तो क्या उसका सम्मान वापस दिलाय जा सकता है ? क्या फर्जी और झूठे मुकदमें दर्ज कराने वाली कुटिल महिलाओं को सजा मिलने का कोई कानून नहीं होना चाहिये ? ’मर्द का दर्द’ किसी ने समझा नहीं और सबने यह मान लिय कि मर्द को दर्द नहीं होता । आज फर्जी और बदले की भावना के लिखाये गये लाखों मुकदमों का दर्द देश के लाखों पुरुष भुगत रहे हैं । उनके साथ ही उनके पूरे परिवार जिसमें माता, बहन और अन्य रिश्तेदार भी शामिल हैं वो भी इस दंश के साथ घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं । पर वसूली के लिये झूठे मुकदमें दर्ज कराने वाली महिलाएं प्रतिदिन अपने नये शिकार की तलाश में खुले आम घूम रही हैं