Fake cases of dowry

मुरादाबाद के ड़ा सन्जीव टण्डन ने भी खुद जीता दहेज का फर्जी मुकदमा, लाखों लोगों के लिए बने आशा की किरण !

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मुरादाबाद के दैनिक हिन्दुस्तान के मुख पुष्ठ पर  04-04-2015 को प्रकाशित यह खबर बताती है कि कैसे देश भर में फर्जी दहेज के मुकदमों ने युवा पीढ़ी और उनके माता – पिता और परिवार को अपनी गिरफ्त में ले रखा है । जीवन के जिस समय में अपने पेशे के हुनर को विकसित कर कुछ काम करके बिताना चाहिए, उस बेशकीमती समय को देश के डॉक्टर – इंजीनियर फर्जी मुकदमें लड़ने में बिता रहे है । अपना मूल काम – धाम छोड़ कर सपरिवार अदालतों के चक्कर काटना इनकी नियति बनती जा रही है। कल इंदौर के दैनिक भास्कर में इंजीनियर दीप्तांशु शुक्ला के संघर्ष की दास्ताँ पढ़ी और आज  मुरादाबाद के ड़ा संजीव टण्डन की आप – बीती । इन दोनों योद्धाओ की जितनी सरहाना की जाये कम होगी ।

इस देश में पुलिस, प्रशासन, वकील और अदालतों के साथ – साथ कानून बनाने वाले भी आँख बंद करके यह मानते हैं की सिर्फ महिलाएं ही पीड़ित है । जन – मानस के भाग्य-विधाता बने इन हाकिमों को दूसरे पक्ष की बात सुनने तक की जरूरत महसूस नहीं होती । पुरुष के विरुद्ध एकतरफा कार्यवाही के अधिकार वाले कानून रोज बनाये जा रहे हैं । उस देश में लम्बी अदालती लड़ाई में जीवन के दस – पन्द्रह साल लगा कर इन फर्जी मुकदमों को जीतना किसी भागीरथ प्रयास के बिना सम्भव नहीं है। जाने कितने ही लाखों ऐसे सन्जीव और दीप्तांशु आज भी देश की अदालतों में अपने को बेगुनाह करार दिए जाने की राह देख रहे होंगे । आपने इस लड़ाई को जीता, इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं । अपनी निजी लड़ाई से भी ज्यादा आप इस बात के लिए साधुवाद के पात्र हैं कि आपने अपने जैसे उन लाखों फर्जी मुकदमा पीड़ितों को एक नई राह दिखाई है । संघर्ष का मार्ग कठिन है पर इससे आप कुंदन बन कर निकले । पुन: बधाई !

एक और बड़ा प्रश्न है कि अब फर्जी मुकदमा करने वाली / वाले पर क्या कार्यवाही होनी चाहिये ? उन पर कानून का दुरूपयोग तो सिद्ध हो ही चुका है । साथ ही अवैध वसूली, धन उगाही, अदालतों को झूठ बोल के गुमराह कारना, दुसरो को क्षति पहुंचाने की नीयत से प्रायोजित होकर कानून का दुरूपयोग, मानहानि आदि – आदि, जैसे तमाम अपराध उस फर्जी मुकदमा वाले गैंग पर बनते हैं । पर भारत की व्यवस्था इतने सीधे और आराम से किसी निर्दोष पुरुष को न्याय देने के लिए बनायी ही नहीं गयी है । आशा है आप लोग अपने पुरे परिवार पर हुए इस ‘कानूनी आतंकवाद’ के हमले से उबरकर अब जवाबी कार्यवाही करके एक नई मिसाल कायम करेंगे । देश आपकी और आशा पूर्ण नजरों से देख रहा है ।