Mothers and Sisters are also Women

बलात्कार के फर्जी मुकदमें में फसानें की धमकी देकर अवैध वसूली

टाइम्स आफ इण्डिया. जयपुर. 14.09.2014

टाइम्स आफ इण्डिया. जयपुर. 21.09.2014

भारत में बाकायदा बलात्कार के फर्जी मुकदमें दर्ज कराने का व्यापार चल रहा है । दिल्ली पुलिस हो, या उत्तर प्रदेश पुलिस या जयपुर पुलिस सभी जगह यह माना गया है कि हाल के वर्षों में बलात्कार की फर्जी रिर्पोट दर्ज कराने के मामलों में अशातीत इजाफा हुआ है । ऐसे में निर्दोष पुरुषों को फंसाने में जो लोग शामिल हैं उनका पुरसाहाल लेने में की न तो सरकारों को कोई फिक्र है और न ही अदालतों को । बिना सबूत, गवाह और जांच के ही पुरूष को सिर्फ धोखेबाज महिला की गवाही पर ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है । धन के साथ ही उसकी समाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन की भी हानि होती है । दस – बीस साल के अदालती भूलभुलैया के बाद यदि वह निर्दोष पुरुष मुकदमा जीत भी जाये तो क्या उसका सम्मान वापस दिलाय जा सकता है ? क्या फर्जी और झूठे मुकदमें दर्ज कराने वाली कुटिल महिलाओं को सजा मिलने का कोई कानून नहीं होना चाहिये ? ’मर्द का दर्द’ किसी ने समझा नहीं और सबने यह मान लिय कि मर्द को दर्द नहीं होता । आज फर्जी और बदले की भावना के लिखाये गये लाखों मुकदमों का दर्द देश के लाखों पुरुष भुगत रहे हैं । उनके साथ ही उनके पूरे परिवार जिसमें माता, बहन और अन्य रिश्तेदार भी शामिल हैं वो भी इस दंश के साथ घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं । पर वसूली के लिये झूठे मुकदमें दर्ज कराने वाली महिलाएं प्रतिदिन अपने नये शिकार की तलाश में खुले आम घूम रही हैं