Threats of Fake Cases

महिला के हाथों एक पुरूष मरा है, जशन मनाओ!

फ़िर चहका फ़र्जी महिला उत्थान, जाती है तो जाये, पुरुष की जान ।
 
आओ जशन मनाएं । एक पुरुष मरा है, वो भी महिला कानूनों के दुरुपयोग के कारण । फ़र्जी दहेज के मुकदमें की धमकी के कारण आत्महत्या करने वाले इस पुरूष की मौत की ’रिपोर्ट’ भी यदि पुलिस दर्ज कर ले तो बड़ी बात होगी । खबर – दैनिक जागरण, कानपुर के हवाले से – दिनांक 17 फ़रवरी 2016 को प्रकाशित |
Dainik Jagran Kanpur 17 Feb 2016
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Much needed gesture in present time

Supreme Court to examine possibility of Domestic Violence on Men

अब कार्यक्षेत्र में भी महिला कानूनों का दुरुपयोग

किसी महिला को काम पर रखने से पहले दस बार सोंचे । किसी दिन छुट्टी न देने पर या वेतन न बढ़ाने पर नियोक्ता पर महिला उतपीड़न का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया ज सकता है । यकीन न हो तो हिन्दुस्तान (हिन्दी), लखनऊ में छपी इस खबर को देखिये ।  अगर किसी महिला को नौकरी पर रखा जाता है तो किसी दिन छुट्टी न मिलने पर या वेतन नहीं बढ़ाये जाने पर नियोक्ता के उपर महिला उप्त्पीड़न और यौन शोषण के सोचें – समझे  फर्जी मुकदमें दर्ज हो सकतें हैं ।

किसी महिला को काम पर रखने से पहले दस बार सोंचे । किसी दिन छुट्टी न देने पर या वेतन न बढ़ाने पर नियोक्ता पर महिला उतपीड़न का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया ज सकता है ।

अब भी सबूत चाहिये महिला कानूनों के दुरूपयोग का ?

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यह कौन सा कानून है जिसमे घर परिवार को बर्बाद करने का काम किया जाता है | क्या माँ – बाप को अपने साथ रखना कानूनन जुर्म है ? जिसके लिए फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की घमकियाँ मिलती रहे ? क्या यही है असली महिला सशक्तिकरण  ? हर छोटी बडी बात पर  दहेज और घरेलु हिंसा में फंसाने की धमकी ।  और जाने लाखों गुमनाम लोग रोज तिल – तिल कर मर रहे हैं । जिसके ऊपर से यह तुर्रा की मर्द को दर्द  नही होता । महिला कानूनों के दुरुपयोग के रथ पर सवार हो रहे इस छ्द्म सशक्तिकरण का जो भी अंत होगा वो तो समय बतायेगा पर दु:ख यह है कि न जाने कितने ही पुरुष रोज अपने प्राण त्याग रहे हैं और उनके परिवार एक अनजाने भय के साये में रोज मर रहे हैं ।

शादी से मुक्त करने की कीमत करोड़ों में लेने का फलता – फूलता व्यापार

अब तो महिला वकीलों ने भी माना की दहेज कानूनों और महिला कानूनों की धमकी देकर तालाक के लिये ज्यादा रकम वसूलने का व्यवसाय खूब फल-फूल रहा है । अब बात दो – तीन लाख की नहीं रही । पचास लाख और सौदे करोड़ों रुपये में भी पटाने की मार्केटिंग बकायाद कानूनों के दुरुपयोग की धमकी के साथ की जा रही है । कुछ दिनों में एम.बी.ए. की एक खेप इस काम के लिये विषेशरूप से बाजार में आ जाये तो कोई अजरज नहीं होगा । देखिये टाइम्स आफ इण्डिया की यह खबर ।

http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Pay-for-divorce-Women-forcing-hubbies-to-shell-out-big-bucks-for-freedom/articleshow/44472875.cms

BHOPAL: Some months ago, Divyendu, 28 (name changed) was struggling with his unsuccessful marriage and wanted a divorce. Now, he faces a dowry harassment charge and an extremely difficult task of arranging Rs 15 lakh. His wife has threatened to ruin his life and the only way he can save himself is by arranging the huge amount for divorce. Rs 75 lakh was the price another guy had to pay to his wife to free himself from the marriage ties and the relationship that was left only for namesake.

These are some of the many cases that have come to family court for hearing where the males were being forced to pay a huge amount only to get divorce.

Atul, 30 (name changed), an engineer by profession could take divorce from his fitness trainer wife only after giving Rs 15 lakh along with a pact of life-long maintenance of child. She said yes for the divorce only after taking the money. In another case, the girl has asked for Rs 1 crore in lieu of divorce. Case is still going on in the family court as it is nearly impossible for the boy’s side to pay such a huge amount.

“This has become a sort of trend. Earlier the daughter in laws of medium-class family would ask for Rs 2 lakh to 3 lakh at the time of separation but now they demand nothing less than Rs 25 to 50 lakh. Some even go to the extent of threatening husbands of putting cases of domestic violence and dowry for extracting money. Boys are actually blackmailed nowadays,” said Sangeeta Moharir, a lawyer at Bhopal district court.

“In genuine cases, the girl herself wants to get free as soon as possible so money hardly matters for them. But in cases where extracting money is the sole purpose, girls demand huge compensation from the boys as a price of their freedom,” Sangeeta added.

“In around 50% of the cases, the boy agrees to her demands as he is left with not much choice. Any guy would prefer paying some money than facing some more criminal cases against him. Girls often misuse this situation and laws to their advantage and extract maximum money from husbands, “said Noorunnisa Khan, a senior counsellor at family court in Bhopal.